पृष्टभूमि

नौजवानी के समय शरीर और दिमाग काफी तेज़ी से विकसित होता है। इस विकास के साथ कई सवाल जुड़े होते हैं। कई बार ऐसे सवाल पूछना मुश्किल या शर्मनाक होता है। यह किताब अर्पण द्वारा एक प्रयास है जिसके ज़रिए नौजवानों को ऐसे सवालों के जवाब ढूँढने में मदद मिलेगी, जिन्हें वे पूछ नहीं पाते। इस किताब में न केवल सवालों के जवाब हैं, बल्कि यह किताब नौजवानों को कुछ ऐसे असुरक्षित स्थितियों के सुरक्षित समाधान खोजने में भी मदद करेगी, जिनसे उनका सामना हो सकता है। यह किताब देखभालकर्ताओं को संवेदनशील विषयों पर बात करने एवं प्रतिक्रिया देने और उनके आस-पास के किशोरों के साथ स्वस्थ रूप से बातचीत शुरू करने में भी सक्षम बनाएगी।

प्रशंसापत्र